मैं वैज्ञानिक हूँ, मेरा सौभाग्य है कि मैं इस प्रकार का व्यक्ति हूँ जो विज्ञान के साधनों का उपयोग करके प्रकृति को समझ सकता है। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न सचमुच में ऐसे हैं, जिनका उत्तर वास्तव में विज्ञान नहीं दे सकता, जैसे कि कुछ भी न होने के स्थान पर कुछ क्यों है? हम यहाँ क्यों हैं? उन दायरों में मैंने पाया है कि आस्था इनके उत्तरों के लिए बेहतर मार्ग उपलब्ध कराती है। मैं इसको विषम रूप से कालदोषयुक्त पाता हूँ कि आज
की संस्कृति में एक व्यापक धारणा प्रतीत होती है कि वैज्ञानिक और आध्यात्मिक विचार असंगत हैं।
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इंफरेंस) निकाला जा सकता है?
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इंफरेंस) निकाला जा सकता है?