भारत में जैव मात्रा तथा कोयले से खाना पकाना स्वास्थ्य समस्याओं के प्रमुख कारक के रूप में स्वीकृत है तथा निर्धन जनसमुदाय की स्त्रियाँ तथा बच्चे सर्वाधिक जोखिम का सामना करते हैं। प्रति वर्ष इन घरों में 10 लाख से अधिक असामयिक मृत्यु घरेलू वायु प्रदूषण, जो कि खाना बनाने में प्रयुक्त प्रदूषक ईंधन से होता है, के कारण होती है तथा ऐसे ईंधन से देश में बाह्य वायु प्रदूषण के चलते 1.5 लाख अन्य मृत्यु होती हैं। यद्यपि स्वच्छ खाना बनाने के ईंधन, जैसे कि एल० पी० जी०, प्राकृतिक गैस तथा बिजली, का उपयोग करने वाले भारतीय जनसमुदाय का हिस्सा धीरे-धीरे बढ़ रहा है, प्रदूषक ठोस ईंधन को प्रमुख खाना बनाने वाले ईंधन के रूप में उपयोग में लाने वाली संख्या लगभग 30 वर्षों से 70 करोड़ पर स्थिर है।
उपर्युक्त परिच्छेद से, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक निर्णायक और तार्किक निष्कर्ष (इंफरेंस) निकाला जा सकता है?
उपर्युक्त परिच्छेद से, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक निर्णायक और तार्किक निष्कर्ष (इंफरेंस) निकाला जा सकता है?