मानव के लिए उपयुक्त, सरकार की प्रकृति और परिमाण को समझने के लिए यह आवश्यक है कि मानव के स्वभाव को समझा जाए। चूंकि प्रकृति ने उसे सामाजिक जीवन के लिए बनाया है, उसे उस स्थान के लिए भी युक्त किया है जिसे उसने नियत किया है। सभी परिस्थितियों में उसने उसकी नैसर्गिक आवश्यकताओं को उसकी व्यक्तिगत शक्तियों से बड़ा बनाया है। कोई भी एक व्यक्ति समाज की सहायता के बिना अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने में सक्षम नहीं है; और वही आवश्यकताएं प्रत्येक व्यक्ति पर क्रियाशील होकर समग्र रूप से उनको एक समाज के रूप में रहने के लिए प्रेरित करती हैं।
निम्नलिखित में से कौनसा, उपर्युक्त परिच्छेद का सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इनफरेंस) निकाला जा सकता है ?
निम्नलिखित में से कौनसा, उपर्युक्त परिच्छेद का सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इनफरेंस) निकाला जा सकता है ?