किसी राज्य में कानूनी आदेशकों (इम्परेटिव्स) की प्रकृति उन प्रभावकारी मांगों के अनुरूप होती है जिनका राज्य को सामना करना पड़ता है, और यह, कि अपने कम में ये सामान्य रूप से उस रीति पर आश्रित होती हैं जिसमें समाज में वह आर्थिक शक्ति वितरित होती है जिस पर राज्य नियंत्रण करता है।
यह कथन किसको निर्दिष्ट करता है ?
यह कथन किसको निर्दिष्ट करता है ?