जब तक बच्चे 8वीं कक्षा में पहुँचते हैं, उनमें से अधिकांश 13 वर्ष से 15 वर्ष की आयु-सीमा में होते हैं। किन्तु हमारे देश में, 8वीं कक्षा के सभी बच्चों के लगभग एक-चौथाई को सरल पाठ पढ़ने में कठिनाई होती है और आधे से अधिक बच्चे भाग (विभाजन) जैसी मूलभूत अंकगणितीय संक्रियाएँ (ऐरिथ्मेटिक ऑपरेशन) तथापि नहीं कर पाते हैं। प्रारंभिक स्कूल से प्रत्येक वर्ष लगभग 25 मिलियन युवा लड़के और लड़कियाँ उस जीवन में प्रवेश करते हैं जो अनिवार्य स्कूली शिक्षा के बाद उनके लिए है। वे कम-से-कम संगठित क्षेत्र के कार्यबल में तो प्रवेश नहीं कर सकते हैं, जब तक कि वे 18 वर्ष के नहीं हो जाते। अनेक परिवारों के लिए, ये बच्चे स्कूल में इस स्तर तक पहुँचने वाले उनके परिवारों के पहले बच्चे होते हैं। माता-पिता और बच्चे अपेक्षा करते हैं कि स्कूल से निकले ऐसे 'स्नातक (ग्रेजुएट)' हाई स्कूल और कॉलेज तक जाएंगे। शायद ही कोई वापस कृषि में जाना चाहेगा। दूसरी ओर, शैक्षिक (अकादमिक) सामर्थ्य के संदर्भ में उनकी योग्यताएँ, कक्षा 8 की पाठ्यक्रम अपेक्षाओं के आधार पर भी जितनी होनी चाहिए, उससे बहुत निम्न होती हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, इस परिच्छेद द्वारा संप्रेषित केन्द्रीय विचार को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, इस परिच्छेद द्वारा संप्रेषित केन्द्रीय विचार को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?