परंपरागत कक्षाएँ, अधिगम प्रभाविता से अधिक नियत समयबद्धि पर बल देकर, स्वयं को परिवर्तनशील परिणामों के लिए सौंप देती हैं। कक्षा का अत्याचार यह है कि वहाँ प्रत्येक शिक्षार्थी को एक ही अवधि के लिए एक ही तरीके से व्याख्यानों के एक ही सेट के अधीन किया जाता है। अंत में, कुछ शिक्षार्थी आगे निकल जाते हैं, कुछ अपना अस्तित्व बनाए रखते हैं और शेष पीछे छूट जाते हैं। इस नियत समयबद्धि के बाद, कक्षा का यह मॉडल चलता रहता है, और जो पीछे छूट गए हैं, उनके लिए एक बार भी नहीं सोचा जाता। इस तरह डेढ़ दशक की औपचारिक शिक्षा के बाद हम अपने स्नातकों में 10 प्रतिशत रोजगार-योग्यता ला पाते हैं। कौशल शिक्षा के क्षेत्र में यही अप्रभावी कहानी दोहराने से अलग परिणाम नहीं मिलेंगे।
41. निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन, सर्वाधिक तर्कसंगत और विवेकपूर्ण निष्कर्ष/निष्कर्षों को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है/दर्शाते हैं, जिसे/जिन्हें इस परिच्छेद से प्रतिपादित किया जा सकता है?
41. निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन, सर्वाधिक तर्कसंगत और विवेकपूर्ण निष्कर्ष/निष्कर्षों को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है/दर्शाते हैं, जिसे/जिन्हें इस परिच्छेद से प्रतिपादित किया जा सकता है?
- पारंपरिक कक्षा अधिगम में केन्द्रीय लक्ष्य, सामर्थ्य लाभ करने के बजाय अधिगम की समयबद्धि है।
- पारंपरिक कक्षाएँ सभी के लिए एकसमान पद्धति (वन-साइज-फिट्स-ऑल अप्रोच) को बढ़ावा देती हैं और सभी विशिष्टीकरणों को समाप्त कर देती हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
41. निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन, सर्वाधिक तर्कसंगत और विवेकपूर्ण निष्कर्ष/निष्कर्षों को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है/दर्शाते हैं, जिसे/जिन्हें इस परिच्छेद से प्रतिपादित किया जा सकता है?
- पारंपरिक कक्षा अधिगम में केन्द्रीय लक्ष्य, सामर्थ्य लाभ करने के बजाय अधिगम की समयबद्धि है।
- पारंपरिक कक्षाएँ सभी के लिए एकसमान पद्धति (वन-साइज-फिट्स-ऑल अप्रोच) को बढ़ावा देती हैं और सभी विशिष्टीकरणों को समाप्त कर देती हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।