“यदि राजनैतिक नेतृत्व उभरने में असफल होता है, तो विकासशील देशों में सेना द्वारा सत्ता हथियाने की संभावना होती है। उग्र छात्र समूह अथवा श्रमिक लोग क्रान्ति उत्पन्न करने का प्रयास कर सकते हैं, किन्तु वे सेना से प्रतिद्वंद्विता कभी नहीं कर सकते। सेना का हस्तक्षेप, शासन और राजनीति से हट जाना, समाज के राजनैतिक विकास के स्तर से घनिष्ठ रूप से सम्बन्धित है।”
राजनैतिक विकास के संदर्भ में, उपर्युक्त गद्यांश में यह मान्यता है कि
“यदि राजनैतिक नेतृत्व उभरने में असफल होता है, तो विकासशील देशों में सेना द्वारा सत्ता हथियाने की संभावना होती है। उग्र छात्र समूह अथवा श्रमिक लोग क्रान्ति उत्पन्न करने का प्रयास कर सकते हैं, किन्तु वे सेना से प्रतिद्वंद्विता कभी नहीं कर सकते। सेना का हस्तक्षेप, शासन और राजनीति से हट जाना, समाज के राजनैतिक विकास के स्तर से घनिष्ठ रूप से सम्बन्धित है।”
राजनैतिक विकास के संदर्भ में, उपर्युक्त गद्यांश में यह मान्यता है कि