सभी पुष्पधारी पौधों की जातियों में से लगभग 80 प्रतिशत में परागण प्राणियों द्वारा होता है, जिसमें पक्षी और स्तनधारी प्राणी शामिल हैं, किंतु कीट मुख्य परागणकारी हैं । परागण हमें पौधों से उत्पन्न कई औषधियों के साथ-साथ विविध प्रकार के खाद्य उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी है । विश्व की कम-से-कम एक-तिहाई कृषि फ़सलों परागण पर निर्भर हैं । परागण के लिए मधिका सर्वाधिक प्रभावी वर्ग हैं और ये चार सौ से भी अधिक फ़सलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं । परागण एक ऐसी अनिवार्य व्यवस्था है जो पौधों और प्राणियों के बीच जटिल संबंधों का परिणाम है, और इनमें से किसी की भी कमी या ह्रास होने से दोनों का अस्तित्व प्रभावित होता है । प्रभावी परागण के लिए मूल प्राकृतिक वनस्पति के आश्रय जैसे संसाधनों की आवश्यकता है ।
उपर्युक्त परिच्छेद के आधार पर, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
उपर्युक्त परिच्छेद के आधार पर, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :