गरीबी, असमानता, अस्वास्थ्यकर और अस्वच्छता की दशाओं से जूझता सामाजिक और भौतिक वातावरण संक्रामक रोगों का खतरा उत्पन्न करता है। स्वास्थ्य-विधि (हाइजीन) के भिन्न-भिन्न स्तर हैं : व्यक्तिगत, घरेलू और सामुदायिक स्वास्थ्य-विधि। इसमें कोई संदेह नहीं है कि व्यक्तिगत सफाई रखने से संक्रामक रोगों की दर में कमी आती है। किंतु इस क्षेत्र में बाज़ार के प्रवेश ने सुरक्षा की झूठी भावना को जन्म दिया है, जो विज्ञापनों के आक्रामक प्रभाव द्वारा अनुकूलित होती है और प्रबल होती है। पश्चिम यूरोप का अनुभव यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य-विधि के साथ-साथ वातावरणीय दशाओं में सामान्य सुधार तथा स्वच्छ जल, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा जैसे घटकों से शिशु/बाल मृत्यु/संक्रमण की दरों में पर्याप्त कमी आई है। हाथों को स्वच्छ रखने के प्रति जुनून व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर बाज़ार के निरंतर प्रभाव को भी लाता है, जिससे पारिस्थितिकी पर इसके नकारात्मक प्रभाव की अवहेलना होती है अथवा उसे हाशिए पर डाल दिया जाता है और इससे प्रतिरोधी रोगाणुओं का प्रादुर्भाव होता है।
उपर्युक्त परिच्छेद के आधार पर, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- ऐसे लोग जिनमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य-विधि का जुनून होता है, वे सामुदायिक स्वास्थ्य-विधि पर ध्यान नहीं देते हैं।
- व्यक्तिगत स्वच्छता से बहु-औषधि प्रतिरोधी रोगाणुओं के प्रादुर्भाव का निवारण किया जा सकता है।
- स्वास्थ्य-विधि के क्षेत्र में बाज़ार के प्रवेश से संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा है।
- संक्रामक रोगों के बोझ को कम करने के लिए वैज्ञानिक और सूक्ष्म-स्तरीय हस्तक्षेप पर्याप्त नहीं हैं।
- यह जन स्वास्थ्य उपायों के माध्यम से कार्यान्वित सामुदायिक स्वास्थ्य-विधि है, जो संक्रामक रोगों के विरुद्ध लड़ाई में वास्तव में कारगर है।
उपर्युक्त में से कौन-सी पूर्वधारणाएँ मान्य हैं ?
उपर्युक्त परिच्छेद के आधार पर, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- ऐसे लोग जिनमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य-विधि का जुनून होता है, वे सामुदायिक स्वास्थ्य-विधि पर ध्यान नहीं देते हैं।
- व्यक्तिगत स्वच्छता से बहु-औषधि प्रतिरोधी रोगाणुओं के प्रादुर्भाव का निवारण किया जा सकता है।
- स्वास्थ्य-विधि के क्षेत्र में बाज़ार के प्रवेश से संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा है।
- संक्रामक रोगों के बोझ को कम करने के लिए वैज्ञानिक और सूक्ष्म-स्तरीय हस्तक्षेप पर्याप्त नहीं हैं।
- यह जन स्वास्थ्य उपायों के माध्यम से कार्यान्वित सामुदायिक स्वास्थ्य-विधि है, जो संक्रामक रोगों के विरुद्ध लड़ाई में वास्तव में कारगर है।
उपर्युक्त में से कौन-सी पूर्वधारणाएँ मान्य हैं ?