नीति-निर्माताओं और जन-संचार माध्यमों (मीडिया) ने खाद्य पदार्थों की आसमान छूती कीमतों के लिए कई कारकों को दोषी ठहराया है, जिसमें ईंधन की उच्च कीमतें, प्रमुख खाद्य-उत्पादक देशों में खराब मौसम और खाद्येतर पदार्थों के उत्पादन के लिए भूमि का उपयोग शामिल है। फिर भी, सर्वाधिक आबादी वाली उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं से खाद्य पदार्थों की माँग में वृद्धि पर अधिक बल दिया गया है। इससे इस बात की बहुत अधिक संभावना बनती है कि इन देशों में अत्यधिक खपत से खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है।
उपर्युक्त परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- खाद्य पदार्थों के उच्च मूल्यों का एक कारण तेल उत्पादक देश हैं।
- यदि निकट भविष्य में, विश्व में खाद्य संकट उत्पन्न होता है, तो वह उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में होगा।
उपर्युक्त में से कौन-सी पूर्वधारणा/पूर्वधारणाएँ मान्य है/हैं ?
उपर्युक्त परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- खाद्य पदार्थों के उच्च मूल्यों का एक कारण तेल उत्पादक देश हैं।
- यदि निकट भविष्य में, विश्व में खाद्य संकट उत्पन्न होता है, तो वह उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में होगा।
उपर्युक्त में से कौन-सी पूर्वधारणा/पूर्वधारणाएँ मान्य है/हैं ?