अपेक्षाकृत समृद्ध राज्यों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे कार्बन उत्सर्जन को कम करें और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में निवेश को प्रोत्साहित करें । ये वे राज्य हैं, जिनको बिजली उपलब्ध है, जिनका विकास अपेक्षाकृत तीव्र गति से हुआ है और जिनकी प्रति व्यक्ति आय अब उच्च है, जिस कारण वे भारत को पर्यावरण-अनुकूल बनाने का भार वहन करने हेतु सक्षम हुए हैं । दिल्ली, उदाहरण के लिए, इस रूप में मदद कर सकती है कि वह छतों के ऊपर सौर पैनल के प्रयोग से अपने स्वयं के उपयोग की स्वच्छ बिजली उत्पादित करे या वह निर्धन राज्यों को उनकी स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण करके भी मदद कर सकती है । यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि राज्य विद्युत् बोर्ड, जो वितरण परिपथ-जाल (डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क) के 95% भाग को नियंत्रित करते हैं, अत्यधिक गहरे घाटे में डूबे हुए हैं । ये घाटे आगे राज्य के सेवा-प्रदाताओं (युटिलिटीज़) को नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने से हतोत्साहित करते हैं क्योंकि नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना जीवाश्मी ईंधनों को अपनाने से अधिक महंगा है ।
निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वाधिक तार्किक और युक्तिसंगत पूर्वधारणा उपर्युक्त परिच्छेद से बनाई जा सकती है ?
निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वाधिक तार्किक और युक्तिसंगत पूर्वधारणा उपर्युक्त परिच्छेद से बनाई जा सकती है ?