हमारे नगर निगमों में कर्मचारियों की कमी है । कर्मचारियों के कौशलों और सक्षमताओं का मुद्दा और भी बड़ी चुनौती खड़ी करता है । शहरी सेवाओं के प्रदान किए जाने की और आधारिक संरचना की योजना बनाना और निष्पादित करना बहुत जटिल कार्य है । इनके लिए उच्च कोटि की विशेषज्ञता और वृत्ति-दक्षता (प्रोफेशनलिज्म) की आवश्यकता है । वर्तमान में जिस ढाँचे के अंतर्गत नगर निगमों में वरिष्ठ प्रबंधकों समेत कर्मचारियों की भरती की जा रही है, उसमें अपेक्षित तकनीकी और प्रबंधकीय सक्षमताओं के लिए पर्याप्त रूप से प्रावधान नहीं हैं । काडर और भरती नियम सिर्फ न्यूनतम शैक्षिक योग्यताओं का निर्धारण करते हैं । उनमें प्रबंधकीय या तकनीकी सक्षमताओं का, या संगत कार्य अनुभव का, कोई उल्लेख नहीं होता । अधिकांश नगर निगमों की यही स्थिति है । उनका संगठनीय अभिकल्प (डिजाइन) और संरचना भी कमजोर है ।
निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वाधिक तार्किक और युक्तिसंगत पूर्वधारणा (अजम्पशन) उपर्युक्त परिच्छेद से बनाई जा सकती है ?
निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वाधिक तार्किक और युक्तिसंगत पूर्वधारणा (अजम्पशन) उपर्युक्त परिच्छेद से बनाई जा सकती है ?