सरकारों को ऐसे कदम उठाने पड़ सकते हैं जो अन्यथा व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों का अतिलंघन करते हैं, जैसे किसी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध उसकी भूमि का अधिग्रहण करना, या किसी भवन-निर्माण की अनुमति देने से इनकार करना, किन्तु जिस बृहत्तर लोकहित के लिए ऐसा किया जाता है, उसे जनता (संसद) द्वारा प्राधिकृत किया जाना आवश्यक है । प्रशासन के विवेकाधिकार को समाप्त किया जा सकता है । चूंकि, सरकार को अनेकों कार्य करने पड़ रहे हैं, इस अधिकार को सीमा में रखना निरन्तर कठिन होता जा रहा है । जहाँ विवेकाधिकार का प्रयोग करना होता है, वहाँ उस अधिकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए नियम एवं रक्षोपाय अवश्य होने चाहिए । ऐसी व्यवस्था की युक्ति करनी होगी, जो विवेकाधिकारों के दुरुपयोग को, यदि रोक न सके, तो न्यूनतम ही कर सके । सरकारी कार्य मान्य नियमों और सिद्धान्तों के ढाँचे के अन्तर्गत ही किए जाने चाहिए, तथा निर्णय समान रूप तथा पूर्वानुमेय (प्रिडिकटेबल) होने चाहिए ।
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौन-सी, सर्वाधिक तार्किक धारणा बनाई जा सकती है ?
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौन-सी, सर्वाधिक तार्किक धारणा बनाई जा सकती है ?