जलवायु परिवर्तन के कारण फ़सलों की उपज में रुकावट और कीमतों में वृद्धि होने की वजह से, पूरे विश्व में बहुत सारे लोग पहले से ही भुखमरी का शिकार हैं । और जलवायु परिवर्तन के कारण केवल खाद्य ही नहीं बल्कि पोषक-तत्व भी अपर्याप्त होते जा रहे हैं । जैसे-जैसे फ़सलों की उपज और जीविका पर खतरे की स्थिति बन रही है, सबसे गरीब समुदायों को ही, भुखमरी और कुपोषण के बढ़ने के समेत, जलवायु परिवर्तन के सबसे बुरे प्रभावों से ग्रस्त होना पड़ेगा । दूसरी ओर, गरीबी जलवायु परिवर्तन की कारक है, क्योंकि निराशोन्मत्त समुदाय अपनी वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संसाधनों के आधारणीय (अनसस्टेनबल) उपयोग का आश्रय लेते हैं ।
निम्नलिखित में से कौन-सा, उपर्युक्त परिच्छेद का सर्वाधिक तार्किक उपनिगमन (कोरोलरी) है ?
निम्नलिखित में से कौन-सा, उपर्युक्त परिच्छेद का सर्वाधिक तार्किक उपनिगमन (कोरोलरी) है ?