श्रमयोग्य आयु की लगभग आधी से अधिक भारतीय महिलाएँ और लगभग एक-चौथाई भारतीय पुरुष अनीमिया से ग्रस्त हैं। अध्ययनों के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप वे जितना उत्पादनशील हो सकते थे, उससे कहीं 5% से 15% तक कम उत्पादनशील हैं। भारत में दुनिया के सबसे अधिक यक्षमा (ट्यूबरकुलोसिस) से ग्रस्त लोगों का बोझ भी है, जिससे देश में वार्षिक रूप से 17 करोड़ श्रम-दिवसों की हानि होती है। किन्तु, आज जितनी महत्वपूर्ण उत्पादकता की हानि है, भविष्य में होने वाली क्षमता की हानि उतनी ही महत्वपूर्ण है। यह दिनोंदिन अधिक स्पष्ट होता जा रहा है कि कुपोषित भारतीय बच्चे संज्ञानात्मक योग्यता के अनेक मापनों पर, अपने साथ के भली-भाँति सुपोषित बच्चों की तुलना में, दो या तीन गुना कम निष्पादन करते हैं। एक ऐसी अर्थव्यवस्था के लिए, जो अत्यधिक कुशल कामगरों पर अपेक्षाकृत अधिक निर्भर होगी, इससे एक महत्वपूर्ण चुनौती सामने आती है। और भारत के जनांकिकीय दृष्टिकोण से, यह एक ऐसी चुनौती है जिससे वास्तव में निपटना चाहिए।
इस परिच्छेद के निहितार्थ को निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है ?
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