वैज्ञानिकों ने वसंत-गवाक्ष — शीतऋतु से लेकर फ़सल आने के मौसम तक की अंतरण अवधि का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि कम बर्फ़ वाली अपेक्षाकृत गर्म शीतऋतु के परिणामस्वरूप वसंत घटनाओं के बीच अपेक्षाकृत दीर्घ पश्चता अवधि और दीर्घकालिक वसंत-गवाक्ष घटित हुए। वसंत की समय-सारणी के इस परिवर्तन से कृषि, मत्स्य-पालन और पर्यटन पारिस्थितिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित होते हैं। चूंकि बर्फ़ कुछ पहले ही पिघल जाती है, इसलिए पक्षी वापस नहीं लौटते, जिससे वसंत काल की पारिस्थितिक घटनाएँ देर से होती हैं या उनकी अवधि में बढ़ोतरी होती है।
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- भूमंडलीय तापन के कारण वसंत पहले आने लगा है और अधिक लंबे समय तक रहता है।
- वसंत का पहले आना और लंबे समय तक रहना पक्षी समष्टि के लिए अच्छा नहीं है।
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- भूमंडलीय तापन के कारण वसंत पहले आने लगा है और अधिक लंबे समय तक रहता है।
- वसंत का पहले आना और लंबे समय तक रहना पक्षी समष्टि के लिए अच्छा नहीं है।
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सा/से सही है/हैं ?