बहुत से लोग सही आहार नहीं ले रहे हैं। कुछ का तो बस यही निर्णय है कि वही भोजन लेंगे जो उन्हें अच्छा लगता है, लेकिन जो बहुत स्वास्थ्यप्रद नहीं है। इससे असंक्रामक रोगों में बढ़ोतरी हो रही है। इसके फलस्वरूप हमारी स्वास्थ्य-देखभाल व्यवस्थाओं पर बहुत बड़ा बोझ आ जाता है, जिसमें उस आर्थिक प्रगति को, जो गरीबों के लिए उनके जीवन-स्तर को उन्नत करने हेतु आवश्यक है, अस्त-व्यस्त कर देने की संभावना है। अन्य लोगों के लिए, समस्या पौष्टिक भोजन तक सीमित पहुँच अथवा पहुँच की गुंजाइश न होने की है, जिससे एकरस खानपान बन जाता है जो उनके पूर्ण विकास के लिए आवश्यक दैनिक पोषक तत्त्व प्रदान नहीं करता। पूरी दुनिया में पोषण पर खतरा होने का कारण आंशिक रूप से यह है कि हमारी खाद्य पद्धतियाँ समुचित रूप से हमारी पोषण जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। खेत से थाली तक के लंबे सफ़र में चिंताजनक विचलन हो रहे हैं।
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक, इस परिच्छेद के मर्म को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है ?
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक, इस परिच्छेद के मर्म को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है ?