नवीकरणीय ऊर्जा के इतिहास से यह सूचित होता है, कि सीखने का एक अति-प्रवण वक्र है, अर्थात्, जितना अधिक उत्पादन होता है, बड़े पैमाने की किफायतों और कार्यकलाप से सीखने के फलस्वरूप लागत उतनी तेजी से गिरती है। प्रतिष्ठानों का हरित नवप्रवर्तन मार्ग-आश्रित है : कोई प्रतिष्ठान इसे जितना अधिक करता है, उसके भविष्य में करने की संभावना उतनी ही अधिक होती जाती है। इसका सबसे प्रबल साक्ष्य है सौर ऊर्जा की कीमतों में भारी गिरावट, जो 2010 के दशक में, पूर्वानुमानों को बारंबार झुठलाते हुए, लगभग 90% सस्ती हो गई। शीघ्र प्रारंभ कर, क्रमिक रूप से चलने से, अर्थव्यवस्थाओं को व्यवस्थित होने के लिए अधिक समय मिल जाता है, जिससे उन्हें अधिक विघटन का सामना किए बिना, मार्ग-आश्रित हरित निवेश के लाभों को उठाने का अवसर मिलता है। विलंब से किया जाने वाला, अधिक अव्यवस्थित अंतरण और ज्यादा महंगा पड़ता है।
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
I. भारत जैसे देश में मार्ग-आश्रित हरित निवेश अंततः सर्वाधिक संभावित रूप से संवृद्धि को, और साथ ही लोक वित्त को, लाभ पहुँचाएँगे।
II. यदि अन्य हरित प्रौद्योगिकियाँ उसी प्रतिरूप का अनुसरण करें, जिस प्रतिरूप का अनुसरण सौर ऊर्जा के मामले में हुआ, तो सर्वाधिक संभावना है कि हरित अंतरण सरल होगा।
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सी वैध हैं ?
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
I. भारत जैसे देश में मार्ग-आश्रित हरित निवेश अंततः सर्वाधिक संभावित रूप से संवृद्धि को, और साथ ही लोक वित्त को, लाभ पहुँचाएँगे।
II. यदि अन्य हरित प्रौद्योगिकियाँ उसी प्रतिरूप का अनुसरण करें, जिस प्रतिरूप का अनुसरण सौर ऊर्जा के मामले में हुआ, तो सर्वाधिक संभावना है कि हरित अंतरण सरल होगा।
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सी वैध हैं ?