अनेक देश यह वायदा कर रहे हैं, कि वे अगले तीस वर्षों में निवल-शून्य कार्बन तक आ जाएंगे, अर्थात् घरेलू उत्सर्जनों को घट कर शून्य के निकट आ जाना होगा। एक अग्रणी जलवायु वैज्ञानिक यह मानते हैं, कि अधिक-से-अधिक, माँग-पक्ष उपायों, जैसे कि व्यक्तियों और परिवारों के व्यवहारपरक परिवर्तनों, के माध्यम से आधा न्यूनीकरण प्राप्त किया जा सकता है। और उसे भी यह अपेक्षा होगी, कि पूर्ति-पक्ष निवेशों के माध्यम से परिवर्तन लाने हेतु कंपनियाँ और सरकारें अधिक प्रोत्साहन प्रदान करें, ताकि न्यून-कार्बन विकल्पों को अपेक्षाकृत अधिक सस्ता और अधिक विस्तृत रूप से उपलब्ध बनाया जा सके।
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- कंपनियों में पूर्ति-पक्ष निवेश के परिणामस्वरूप लोगों में न्यून-कार्बन व्यवहार आ सकता है।
- लोग सरकार और कंपनियों के शामिल हुए बिना न्यून-कार्बन व्यवहार को अनुकूलित करने में समर्थ नहीं हैं।
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सी वैध है/हैं ?
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- कंपनियों में पूर्ति-पक्ष निवेश के परिणामस्वरूप लोगों में न्यून-कार्बन व्यवहार आ सकता है।
- लोग सरकार और कंपनियों के शामिल हुए बिना न्यून-कार्बन व्यवहार को अनुकूलित करने में समर्थ नहीं हैं।
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सी वैध है/हैं ?