दुर्भाग्यवश हमारे देश में परीक्षाओं के लिए शिक्षण और शिक्षा-प्राप्ति ही हमारी विशिष्टता हो गई है। किंतु, समाज की नई माँगों और भविष्य के कार्यक्षेत्र के लिए समीक्षात्मक और स्वतंत्र चिंतन, कार्यकलाप से सीखने, उसी मुद्दे पर बहु-विद्या परिप्रेक्ष्यों से प्रश्न पूछने, तर्क निर्माण के लिए साक्ष्यों का उपयोग करने, और चिंतन और सुव्यक्तता की अपेक्षा है। उच्च शिक्षा को “या तो सरकारी नीतियों का मात्र अनुसर या लोक मनःस्थिति का निष्क्रिय उत्तरदाता” नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा-प्राप्ति पूरी तौर पर यह है, कि कैसे चिंतन किया जाए, न कि क्या चिंतन किया जाए। शिक्षण का पुनराविष्कार आवश्यक है।
निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन, इस परिच्छेद में व्यक्त केन्द्रीय विचार को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है ?
निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन, इस परिच्छेद में व्यक्त केन्द्रीय विचार को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है ?