भारत सबसे तीव्र विकसित होने वाली वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में से है, फिर भी यह विश्व में सबसे अधिक कुपोषित बच्चों का घर है। ऐसे भी क्षेत्र हैं जहाँ कुपोषण अपवाद नहीं अपितु सामान्य है। और सारे देश में, हर वर्ष अपना पाँचवाँ जन्मदिन मनाने से पूर्व मरने वाले 1.3 मिलियन बच्चों में से लगभग आधे बच्चों की मृत्यु का कारण कुपोषण है। वे बच्चे जो जीवित रह जाते हैं, स्थायी रूप से उस क्षति से प्रसित रहते हैं जो उनके शरीर और मन में उपयुक्त खाद्यों एवं पोषकों के पर्याप्त मात्रा में न मिलने से हो चुकी होती है। 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 44 मिलियन बच्चे अविकसित हैं। इससे उनको विद्यालय में सीखने और वयस्क होने पर जीविका कमाने में कठिनाई होती है। उनकी जीवनकालीन उपार्जन क्षमता उनके स्वस्थ समकक्षों से लगभग एक-चौथाई कम होती है।
उपर्युक्त परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से सर्वाधिक तर्कसंगत एवं व्यावहारिक निहितार्थ है/हैं?
- भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को केन्द्र सरकार द्वारा मॉनीटर किया जाना चाहिए।
- बालिकाओं को विवाह एवं प्रथम गर्भ विलम्बित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
- जन्म के तुरंत बाद नवजात को स्तनपान कराने हेतु माताओं को प्रोत्साहित करना चाहिए।
- सभी के लिए सुरक्षित पेय जल एवं उपयुक्त स्वच्छता सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
- प्राधिकारियों को यथानिर्धारित टीकाकरण सुनिश्चित करना चाहिए।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
उपर्युक्त परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से सर्वाधिक तर्कसंगत एवं व्यावहारिक निहितार्थ है/हैं?
- भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को केन्द्र सरकार द्वारा मॉनीटर किया जाना चाहिए।
- बालिकाओं को विवाह एवं प्रथम गर्भ विलम्बित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
- जन्म के तुरंत बाद नवजात को स्तनपान कराने हेतु माताओं को प्रोत्साहित करना चाहिए।
- सभी के लिए सुरक्षित पेय जल एवं उपयुक्त स्वच्छता सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
- प्राधिकारियों को यथानिर्धारित टीकाकरण सुनिश्चित करना चाहिए।
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