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Q. 2
DiscussAttempt

हाल के वर्षों में, लोकतंत्र के विषय को लेकर उसके आस-पास जिस प्रकार से शब्दांडंबर प्रयुक्त हुए हैं, उसके फलस्वरूप यह विषय अत्यंत संभ्रमपूर्ण हो गया है । गैर-पश्चिमी विश्व के देशों पर लोकतंत्र 'अधिरोपित' करने के समर्थकों (वस्तुतः इन देशों के 'स्वहित' में ही), और ऐसे 'अधिरोपण' के विरोधियों (उन देशों के 'अपने तौर-तरीकों' के लिए समादर होने के कारण) के बीच एक बढ़ता हुआ, विचित्र रूप से भ्रांत द्विभाजन बन गया है । किंतु, इन दोनों ही पक्षों के द्वारा प्रयुक्त 'अधिरोपण' की पूरी भाषा असाधारण रूप से असंगत है, क्योंकि इससे यह अस्पष्ट धारणा बनती है कि लोकतंत्र अनन्य रूप से पश्चिमी देशों से ही सम्बन्ध रखता है, यह मानते हुए, कि यह सर्वोत्कृष्टता से 'पश्चिमी' विचार है जो केवल पश्चिम में ही जन्मा और फला-फूला ।

किंतु इस अभिधारणा को, और इससे विश्व में लोकतांत्रिक प्रथा की सम्भावना के बारे में जनित निराशावाद को, औचित्यपूर्ण ठहराना बहुत कठिन होगा । प्राचीन भारत में स्थानीय लोकतंत्र के अनेक प्रयोग किए गए हैं । सचमुच, विश्व में लोकतंत्र की जड़ों को समझने के लिए हमें विश्व के विभिन्न भागों में हुई जन-सहभागिता और लोक-विवेचन के इतिहास में रुचि लेनी होगी । यूरोपीय और अमेरिकी क्रमविकास के आधार पर हमें मात्र लोकतंत्र के विचारण के परे देखना

होगा । यदि हम लोकतंत्र को पश्चिम का एक प्रकार का विशेषीकृत सांस्कृतिक उत्पाद मान लें, तो अरस्तू ने दूरगामी अंतर्दृष्टि के साथ सहभागी जीवन की जिन व्यापक माँगों के विषय में बात की थी, उन्हें समझने में हम असफल हो जाएंगे ।

वास्तव में इस पर संदेह नहीं किया जा सकता कि लोकतंत्र की समकालीन प्रथा का सांस्थानिक ढाँचा अधिकांश रूप में यूरोप और अमेरिका के गत कुछ शताब्दियों में हुए अनुभवों की देन है । इसे पहचानना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सांस्थानिक प्ररूपों में ये विकास अत्यधिक नवपरिवर्तनशील और अंततः प्रभावी हुए । इसमें कोई संशय नहीं हो सकता कि यहाँ एक प्रमुख 'पश्चिमी' उपलब्धि है ।

परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित धारणाएँ बनाई गई हैं :

  1. अनेक गैर-पश्चिमी देश लोकतंत्र लाने में असफल रहे हैं, क्योंकि वे लोकतंत्र को पश्चिम का विशिष्ट सांस्कृतिक उत्पाद होने के रूप में देखते हैं।
  2. पश्चिमी देश हमेशा गैर-पश्चिमी देशों पर लोकतंत्र अधिरोपित करने का प्रयास करते हैं।

कौन-सी उपर्युक्त धारणा/धारणाएँ वैध हैं/हैं ?

A

केवल 1

B

केवल 2

C

1 और 2 दोनों

D

न तो 1 न ही 2

Kepler. Discussing PYQs. Q.no. 2