कुपोषण छह माह से दो साल की आयु के बीच होना सर्वाधिक आम है । बड़े बच्चे की तुलना में छोटे बच्चे की भोजन की आवश्यकता कम होने के बावजूद ऐसा होता है । बहुधा कुपोषण का कारण गरीबी मानी जाती है, परन्तु यह पाया गया है कि ऐसे परिवारों में भी जहाँ वयस्क पर्याप्त मात्रा में भोजन ग्रहण करते हैं, पाँच वर्ष से कम आयु के 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे पर्याप्त आहार नहीं लेते । किसी और द्वारा खाना खिलाने हेतु बच्चे की निर्भरता कुपोषण के लिए प्राथमिक रूप से उत्तरदायी है । बहुधा माँ कामकाजी होती है और छोटे बच्चे को खाना खिलाने की जिम्मेदारी उसके बड़े भाई-बहन पर छोड़ दी जाती है । इसलिए, बच्चे की खाद्य आवश्यकताओं के, और उन्हें कैसे पूरा किया जाए, इसके सम्बन्ध में जागरूकता को बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है ।
लेखक के अनुसार, कुपोषण का मुख्य कारण गरीबी नहीं है, बल्कि यह तथ्य कि
- छोटे बच्चों की देखरेख करना कामकाजी माताओं की प्राथमिकता नहीं होती ।
- लोक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा पोषण सम्बन्धी ज़रूरतों की जानकारी का प्रचार नहीं किया जाता ।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
लेखक के अनुसार, कुपोषण का मुख्य कारण गरीबी नहीं है, बल्कि यह तथ्य कि
- छोटे बच्चों की देखरेख करना कामकाजी माताओं की प्राथमिकता नहीं होती ।
- लोक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा पोषण सम्बन्धी ज़रूरतों की जानकारी का प्रचार नहीं किया जाता ।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :