कच्चा खनिज तेल जमीन से एक तीखी गंध के साथ गाढ़े काले या भूरे तरल के रूप में बाहर आता है। यह अनेक विभिन्न पदार्थों का, जिनके प्रत्येक के अपने विशिष्ट गुण हैं, जटिल मिश्रण है। उन पदार्थों में से अधिकांश विभिन्न अनुपातों में हाइड्रोजन और कार्बन के संयोग हैं। इस प्रकार के हाइड्रोकार्बन दूसरे रूपों, जैसे अलकतरा (राल), डामर तथा प्राकृतिक गैस के रूप में भी पाए जाते हैं। खनिज तेल समुद्र में रहने वाले लघु जीवों के मृतशरीरों तथा पौधों से उद्गमित होता है। लाखों वर्षों के दौरान, समुद्र-तल में मृत जीवों का विशाल ढेर जमा हो जाता है; तथा समुद्री लहरें उन्हें बालू और गाद के आच्छादनों से ढक देती हैं। कड़ा होने के साथ यह खनिज अवसादी शैलों में बदल जाता है और प्रभावी रूप से ऑक्सीजन को बाहर रोक देता है, जिससे तल में इकट्ठा समुद्री जमावों का पूर्ण अपघटन निरुद्ध हो जाता है। अवसादी शैलों की परतें और मोटी तथा भारी हो जाती हैं। उनका दाब ऊष्मा उत्पन्न करता है, जो लघु मृतशरीरों को कच्चे तेल में परिवर्तित कर देता है, एक ऐसी प्रक्रिया के अंतर्गत जो आज भी जारी है।
अवसादी शैल तेल जमावों के निर्माण का कारण बनते हैं क्योंकि
अवसादी शैल तेल जमावों के निर्माण का कारण बनते हैं क्योंकि