जलवायु परिवर्तन से एक चीज़ जो अकाट्य रूप से होती है, वह ऐसी घटनाओं का घटित होना या बढ़ना है जिनसे संसाधनों के कम होते जाने में और तेजी आती है। इन घटते जाते संसाधनों के ऊपर होने वाली प्रतिस्पर्धा के परिणामस्वरूप राजनीतिक या और भी हिसक संघर्ष सामने आता है। संसाधन-आधारित संघर्ष शायद ही कभी खुलेआम हुए हैं, इसलिए उन्हें विलग रूप में देखना कठिन होता है। इसके बजाय वे ऊपरी परतें ओढ़कर राजनीतिक रूप से कहीं अधिक स्वीकार्य रूप में सामने आते हैं। जल-जैसे संसाधनों के ऊपर होने वाले संघर्ष प्रायः पहचान या विचारधारा के वेश का लबावा ओढ़ते रहते हैं।
उपर्युक्त परिच्छेद का निहितार्थ क्या है?
उपर्युक्त परिच्छेद का निहितार्थ क्या है?