वास्तव में, मेरा मानना है कि इंग्लैंड में निर्धनतम व्यक्ति को भी एक वैसा ही जीवन जीना है जैसा कि महानतम व्यक्ति को, और इसलिए सच में, मैं मानता हूँ कि यह स्पष्ट है कि हर उस व्यक्ति को, जिसे सरकार के अधीन रहना है, सबसे पहले अपनी सहमति से स्वयं को सरकार के अधीन कर देना चाहिए, और मेरा यह अवश्य मानना है कि इंग्लैंड का निर्धनतम व्यक्ति, सही अर्थ में ऐसी सरकार से कतई बंधा हुआ नहीं है जिसके अधीन स्वयं को करने में उसकी कोई राय नहीं रही हो।
67. उपर्युक्त कथन किसके समर्थन में तर्क प्रस्तुत करता है?
- (a) सम्पत्ति का सबवर्ग समान बितरण।
- (b) शासितों की सहमति के अनुसार शासन
- (c) निर्धनों के हाथ में शासन
- (d) धनिकों का स्वत्वहरण (एक्सप्रोप्रीएशन)
67. उपर्युक्त कथन किसके समर्थन में तर्क प्रस्तुत करता है?
67. उपर्युक्त कथन किसके समर्थन में तर्क प्रस्तुत करता है?