उत्पादक नौकरियाँ (जॉब) विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और अच्छी नौकरी सर्वोत्तम प्रकार का समावेशन है। हमारी आधी से अधिक जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, परन्तु अन्य देशों के अनुभव से पता चलता है कि यदि कृषि में प्रति व्यक्ति आय पर्याप्त रूप में बढ़ानी है, तो कृषि पर निर्भर व्यक्तियों की संख्या में कमी लानी चाहिए। जहाँ एक ओर उद्योग में नौकरियाँ सृजित की जा रही हैं, वहीं असंगठित क्षेत्र में ऐसी बहुत सारी नौकरियाँ निम्न उत्पादकता वाली गैर-संविदागत नौकरियाँ होती हैं, जिनमें कम आय और न के बराबर सुरक्षा दी जाती है तथा कोई हितलाभ नहीं दिए जाते। इनकी तुलना में सेवा-क्षेत्र की नौकरियाँ उच्च उत्पादकता वाली होती हैं, परन्तु सेवाओं में रोजगार-वृद्धि हाल के वर्षों में धीमी रही है।
62. उपर्युक्त परिच्छेद से, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इन्फरेंस) निकाला जा सकता है?
- (a) रोजगार-वृद्धि और समावेशन को सुनिश्चित करने के लिए हमें अत्यधिक उत्पादक सेवा-क्षेत्र की नौकरियों के तीव्रतर विकास की परिस्थितियों को उत्पन्न करना आवश्यक है।
- (b) आर्थिक वृद्धि और समावेशन को सुनिश्चित करने के लिए हमें खेतिहर कामगारों को अत्यधिक उत्पादक विनिर्माण और सेवा-क्षेत्रों में स्थानांतरित करना आवश्यक है।
- (c) हमें कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ कृषि-क्षेत्र से बाहर उत्पादक नौकरियों के तीव्रतर विकास की परिस्थितियों को उत्पन्न करना आवश्यक है।
- (d) कृषि में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि लाने के लिए हमें उच्च उपज वाली संकर किस्मों और आनुवंशिकतः रूपांतरित (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों की खेती पर बल देना आवश्यक है।
62. उपर्युक्त परिच्छेद से, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इन्फरेंस) निकाला जा सकता है?
62. उपर्युक्त परिच्छेद से, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इन्फरेंस) निकाला जा सकता है?