आदतों का पालन करने में कोई हानि नहीं है, जब तक कि वे आदतें हानिकारक न हों। वास्तव में हममें से अधिकांश लोग, आदतों के पुलिंदे से शायद कुछ अधिक ही व्यवस्थित होते हैं। हम अपनी आदतों से मुक्त हो जायें तो जो बचेगा उस पर शायद ही कोई ध्यान देना चाहिए। हम इनके बिना नहीं चल सकते। वे जीवन की प्रक्रिया को सरल बनाती हैं। इनसे हम बहुत-सी चीजें अपने-आप करने में समर्थ होते हैं, जिन्हें, यदि हम हर बार नया और मौलिक विचार देकर करना चाहें, तो अस्तित्व एक असंभव उलझन बन जाए।
लेखक का सुझाव है कि आदतें
लेखक का सुझाव है कि आदतें