नवप्रवर्तनकारी (इन्वोवेटिव) भारत समावेशी होने के साथ-साथ प्रौद्योगिकी में भी उन्नत होगा जिससे सभी भारतीयों के जीवन में सुधार आयेगा। नवप्रवर्तन तथा R&D बढ़ती हुई सामाजिक असमानता को कम कर सकते हैं और द्रुत शहरीकरण से उत्पन्न होने वाले दबावों से मुक्त कर सकते हैं। कृषि और ज्ञान-केन्द्रित (नॉलेज-इंटेंसिव) निर्माण और सेवाओं के बीच उत्पादकता में बढ़ते हुए विभेद से, आय-असमानता के बढ़ने का खतरा है। भारत की R&D प्रयोगशालाओं और विश्वविद्यालयों को गरीब लोगों की जरूरतों पर ध्यान रखने के लिए प्रोत्साहित कर तथा
ज्ञान-अर्जन के लिए अनौपचारिक प्रतिष्ठानों की क्षमता में उन्नयन कर, एक नवप्रवर्तन और अनुसंधान कार्यक्रम इस प्रभाव का सामना कर सकता है। समावेशी नवप्रवर्तन वस्तु और सेवाओं की लागत को कम कर सकता है तथा गरीब लोगों के लिए आय-अर्जन के अवसर उत्पन्न कर सकता है।
45. निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत पूर्वधारणा है, जो कि उपर्युक्त परिच्छेद से बताई जा सकती है?
- (a) गाँवों से शहरों के प्रवासन को कम करने के लिए नवप्रवर्तन तथा R&D ही एकमात्र रास्ता है।
- (b) तेजी से विकसित होने वाले प्रत्येक देश को कृषि और अन्य क्षेत्रों में उत्पादकता के बीच विभेद को न्यूनतम करने की आवश्यकता है।
- (c) समावेशी नवप्रवर्तन तथा R&D एक समतावादी समाज बनाने में सहायता कर सकते हैं।
- (d) द्रुत शहरीकरण केवल तभी होता है जब किसी देश की आर्थिक वृद्धि तीव्रगामी होती है।
45. निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत पूर्वधारणा है, जो कि उपर्युक्त परिच्छेद से बताई जा सकती है?
45. निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत पूर्वधारणा है, जो कि उपर्युक्त परिच्छेद से बताई जा सकती है?