भूमि उपयोग में दृश्यभूमि पैमाने के उपागम (अप्रोच) से, संरक्षित क्षेत्रों के बाहर और अधिक जैव विविधता को प्रोत्साहन मिल सकता है। वर्ष 1998 में प्रभंजन (हरिकन) 'मिच' के दौरान, पर्यावरणीय कृषि पद्धतियों के उपयोग करने वाले फार्मों का, पारम्परिक तकनीकों के उपयोग करने वाले फार्मों की तुलना में, क्रमशः हॉंडुरास, निकारागुआ और ग्वाटेमाला में 58 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 99 प्रतिशत कम नुकसान हुआ। कोस्टारिका में, वानस्पतिक वात-रोधों (विडब्रेक्स) और बाड़ कतारों के उपयोग से, पक्षी-विविधता में वृद्धि के साथ-साथ, किसानों की चरागाह और कॉफी से होने वाली आय में अत्यधिक बढ़ोतरी हुई। प्राकृतिक अथवा अर्ध-प्राकृतिक आवास के निकटतम कृषि-भूमि होने पर मधुमक्खियों से होने वाला परागण अधिक प्रभावकारी होता है, यह निष्कर्ष महत्वपूर्ण है, क्योंकि विश्व की 107 अग्रणी फसलों का 87 प्रतिशत परागण करने वाले जंतुओं पर निर्भर है। कोस्टारिका, निकारागुआ और कोलम्बिया में, वन-पशुचारी (सिल्वोपास्टरल) प्रणालियाँ, जिनमें पेड़ चरागाह-भूमियों के साथ एकीकृत हैं, पशु-उत्पादन की धारणीयता में सुधार ला रही हैं और किसानों की आय में विविधता और वृद्धि ला रही हैं।
63. उपर्युक्त परिच्छेद से, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इन्फरेंस) निकाला जा सकता है?
- (a) जैव विविधता को बढ़ाने वाली कृषि पद्धतियाँ प्रायः फार्म उत्पादन में वृद्धि और आपदाओं के प्रति असुरक्षितता को कम करती हैं।
- (b) विश्व के सभी देशों को पर्यावरणीय कृषि के स्थान पर पारम्परिक कृषि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
- (c) संरक्षित क्षेत्रों में, वहाँ की जैव विविधता को नष्ट किए बिना, पर्यावरणीय कृषि की अनुमति दी जानी चाहिए।
- (d) खाद्य फसलों की उपज तब अत्यधिक होगी, जब उनकी खेती में पर्यावरणीय कृषि पद्धतियाँ अपनायी जाएं।
63. उपर्युक्त परिच्छेद से, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इन्फरेंस) निकाला जा सकता है?
63. उपर्युक्त परिच्छेद से, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इन्फरेंस) निकाला जा सकता है?