अधिकांश आक्रामक जातियाँ (इन्वेसिव स्पीशीज़) न तो घोर रूप से सफल हैं, न ही अत्यंत नुकसानदेह हैं । ब्रिटेन के आक्रामक पादप न तो व्यापक रूप से फैले हैं, न ही खास तेजी से फैलते हैं, और अक्सर ब्रैकेन की तरह के प्रबल प्राकृत पादपों की अपेक्षा कम प्रेशान करने वाले हैं । नई जातियों का आगमन लगभग हमेशा ही किसी क्षेत्र में जैव-विविधता को बढ़ा देता है; बहुत से मामलों में नवागतुकों की बाद किसी भी प्राकृत जाति को विलोपन की तरफ नहीं ले जाती । इसका एक कारण यह है कि आक्रामक पादप प्रदूषित झीलों और उद्योगोत्तर व्यर्थ भूमि की तरह के विशुद्ध पर्यावासों को, जहाँ और कुछ भी जीवित नहीं रहता, उपनिवेशित करने की ओर प्रवृत्त होते हैं । वे प्रकृति के अवसरवादी हैं ।
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौन-सा एक, सर्वाधिक तर्कसंगत और विवेकपूर्ण निष्कर्ष निकाला जा सकता है ?
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौन-सा एक, सर्वाधिक तर्कसंगत और विवेकपूर्ण निष्कर्ष निकाला जा सकता है ?