भारतीय बच्चों में प्रवाहिका (डायरिया) से होने वाली मौतें मुख्यतः खाद्य और जल के संदूषित हो जाने के कारण होती हैं। कृषि में संदूषित भौमजल और असुरक्षित रसायनों का उपयोग, खाद्य-पदार्थों का भंडारण और रख-रखाव अस्वास्थ्यकर तरीकों से किए जाने से लेकर खाद्य-पदार्थों के अस्वास्थ्यकर परिवेश में पकाए और वितरित किए जाने तक; ऐसे असंख्य कारक हैं जिनके विनियमन और मॉनीटरन की आवश्यकता है। लोगों को मिलावट के बारे में और संगत प्राधिकारियों को शिकायत करने के तरीकों के बारे में जागरूक होने की आवश्यकता है। खाद्य-संक्रामक रोगों की निगरानी करने में अनेक सरकारी अधिकरण शामिल हैं और निरीक्षण-कर्मियों के अच्छे प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इसका विचार करते हुए कि शहरी जनसंख्या का कितना भाग अपने दैनिक भोजन के लिए गली-नुक्कड़ पर बिकने वाले भोजन पर निर्भर है, गली-नुक्कड़ पर भोजन बेचने वालों के प्रशिक्षण और शिक्षण में निवेश करना बड़े महत्त्व का है।
उपर्युक्त परिच्छेद के आधार पर निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- खाद्य सुरक्षा एक जटिल मुद्दा है जिसके अनेक-विध समाधानों की आवश्यकता है।
- निगरानी और प्रशिक्षण के लिए जनशक्ति बढ़ाने में भारी निवेश करने की आवश्यकता है।
- भारत को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नियंत्रित करने हेतु पर्याप्त विधि-निर्माण करने की आवश्यकता है।
उपर्युक्त में से कौन-सी पूर्वधारणा/पूर्वधारणाएँ वैध हैं/हैं ?
उपर्युक्त परिच्छेद के आधार पर निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
- खाद्य सुरक्षा एक जटिल मुद्दा है जिसके अनेक-विध समाधानों की आवश्यकता है।
- निगरानी और प्रशिक्षण के लिए जनशक्ति बढ़ाने में भारी निवेश करने की आवश्यकता है।
- भारत को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नियंत्रित करने हेतु पर्याप्त विधि-निर्माण करने की आवश्यकता है।
उपर्युक्त में से कौन-सी पूर्वधारणा/पूर्वधारणाएँ वैध हैं/हैं ?